सनातनी मित्रों, नमस्कार।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में कुछ बातें अब घुमा-फिरा कर नहीं कही जातीं।
जो कहना है, सीधा कहा जाता है।
और यही शैली है Yogi Adityanath की।
जब उन्होंने सार्वजनिक मंच से यह सवाल पूछा —
“क्या पुलिस गोली खाने के लिए बनी है?”
तो यह केवल एक बयान नहीं था,
यह उस सोच पर सीधा प्रहार था
जो दशकों तक अपराधियों को संरक्षण देती रही।
एनकाउंटर पर सवाल या पुलिस के मनोबल पर हमला?
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में Encounter Policy को लेकर एक नैरेटिव गढ़ा गया।
कहा गया —
पुलिस ज़्यादा सख़्त हो गई है
अपराधियों के मानवाधिकार खतरे में हैं
लोकतंत्र कमजोर हो रहा है
लेकिन किसी ने यह नहीं पूछा कि—
👉 जब अपराधी पुलिस पर गोली चलाता है,
👉 बम फेंकता है,
👉 AK-47 और LMG लेकर चलता है,
तो पुलिस क्या करे?
फूल माला पहनाए?
आरती उतारे?
या फिर कानून के तहत जवाब दे?
अपराधी का धर्म, जाति या पार्टी नहीं होती
योगी आदित्यनाथ की नीति बेहद स्पष्ट है —
अपराध में कोई अपना-पराया नहीं।
इसका प्रमाण लिस्ट उठाकर देखा जा सकता है:
अपराधी हिंदू भी हैं
मुस्लिम भी
अगड़ा, पिछड़ा, दलित — सब
हर जाति, हर वर्ग
यानी संदेश साफ है —
👉 अपराधी सिर्फ अपराधी होता है।
यह Zero Tolerance Policy
न किसी धर्म के खिलाफ है
न किसी जाति के,
यह सिर्फ और सिर्फ अपराध के खिलाफ है।
वो उत्तर प्रदेश जिसे लोग भूलना चाहते हैं
आज सवाल उठाने वालों से एक सवाल जरूरी है —
क्या उन्होंने वो उत्तर प्रदेश देखा है
जहां:
माफिया पुलिस को गिरफ्तार करता था
ईमानदार अफसरों को जेल भेज दिया जाता था
जज केस सुनने से डरते थे
माफिया सत्ता को जेब में रखता था
वो दौर कानून का राज नहीं,
माफिया का राज था।
आज अगर माफिया या तो
जेल में है
खामोश है
या इतिहास बन चुका है
तो यह लोकतंत्र की हार नहीं,
लोकतंत्र की जीत है।
मजबूत कानून = मजबूत लोकतंत्र
यह समझना जरूरी है कि—
लोकतंत्र माफिया से नहीं चलता।
लोकतंत्र कानून से चलता है।
अपराधी बचेगा → लोकतंत्र कमजोर
अपराधी डरेगा → लोकतंत्र मजबूत
जब पुलिस को यह भरोसा मिलता है
कि सरकार उनके साथ खड़ी है,
तभी आम नागरिक सुरक्षित महसूस करता है।
और यही है UP Model Governance का आधार।
योगी मॉडल क्यों असरदार है?
योगी मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है —
Political Will (राजनीतिक इच्छाशक्ति)।
यहां
“किंतु-परंतु” नहीं चलता
वोट बैंक की चिंता नहीं
मीडिया ट्रायल से डर नहीं
साफ नीति है:
👉 कानून तोड़ोगे — दंड पाओगे
👉 पुलिस पर हमला — जवाबी कार्रवाई
निष्कर्ष: सवाल पुलिस पर नहीं, अपराध पर होना चाहिए
आज जरूरत इस बात की है कि
सवाल पूछने की दिशा बदली जाए।
❌ पुलिस क्यों गोली चलाती है?
✅ अपराधी गोली क्यों चलाता है?
❌ एनकाउंटर क्यों?
✅ अपराध इतना बढ़ा क्यों?
जब तक यह फर्क नहीं समझा जाएगा,
तब तक भ्रम फैलता रहेगा।
लेकिन उत्तर प्रदेश ने फैसला कर लिया है —
अब अपराधी शर्तें तय नहीं करेगा।
या कानून मानेगा,
या कानून उसे संभालेगा।
यही नया उत्तर प्रदेश है।
यही राष्ट्रधर्म है।
जय सनातन 🚩
वंदे मातरम् 🇮🇳

Social and Political Commentar, Nationalist, Mission to Make Positive Impact
Email suniltams@gmail.com

Guruji Sunil Chaudhary
Newsletter
Subscribe now to get daily updates.
Created with © FREE Super System